अच्छी खबर: तारबंदी के अभाव में हर साल 50 करोड़ की फसल बर्बाद अब खेतों में 1.38 लाख मीटर तारबंदी कराएगी सरकार | 2 लाख किसानों को फायदा

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अच्छी खबर: तारबंदी के अभाव में हर साल 50 करोड़ की फसल बर्बाद अब खेतों में 1.38 लाख मीटर तारबंदी कराएगी सरकार | 2 लाख किसानों को फायदा

50 Crore Crop Wasted Every Year Due To Lack Of Fencing, Now Government Will Get 1.38 Lakh Meters Of Fencing In The Fields, 2 Lakh Farmers Will Be Benefited

करौली : अच्छी खबर: तारबंदी के अभाव में हर साल 50 करोड़ की फसल बर्बाद अब खेतों में 1.38 लाख मीटर तारबंदी कराएगी सरकार | 2 लाख किसानों को फायदाकरौली | नारौली डांग के पास एक खेत में फसल बर्बाद करते गोवंश। - Dainik Bhaskar

करौली | नारौली डांग के पास एक खेत में फसल बर्बाद करते गोवंश।

  • जिन किसानों के पास एक ही जगह 1.5 हैक्टे. भूमि है, उन किसानों को तारबंदी के लिए 48 हजार रु. का मिलेगा अनुदान

विवेक चतुर्वेदी | करौली जिले में हर साल 2 लाख से ज्यादा किसानों की 50 करोड़ की फसल को रोजड़े और अन्य आवारा जानवर चौपट कर देते हैं। क्योंकि खर्चा ज्यादा होने की वजह से किसान खेतों में तारबंदी नहीं करा पाते। लेकिन अब सरकार ने किसानों को पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए तारबंदी योजना का सरलीकरण किया है। इसके तहत जिन किसानों के पास एक ही जगह 1.5 हैक्टेयर कृषि भूमि है। उन किसानों के खेतों में 400 मीटर तारबंदी कराई जाएगी। इसके लिए किसान को 40 से 48 हजार रु. का अनुदान दिया जाएगा।

30 मई से अब तक मिले 185 आवेदन, 1.5 माह में फैंसिंग करवाए जाने का प्रावधान‎

साल 2022-23 में कृषि विभाग को जिले में 1 लाख 38 हजार 800 मीटर की तारबंदी करने का लक्ष्य दिया है। कृषि उप निदेशक रामलाल जाट के मुताबिक 30 मई से किसानों से राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। जिले में 30 मई से अब तक 185 किसानों ने आवेदन किया है। आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच कर सुपरवाइजर से मौका निरीक्षण करवाया जाता है। सुपरवाइजर की फोटोयुक्त रिपोर्ट के आधार पर तारबंदी की प्रशासनिक स्वीकृति दी जाएगी। इसके बाद किसान के खेत में फेंसिंग करा लेने के बाद उसे वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी जाएगी।

आवेदन के बाद 1.5 महीने में फेंसिंग का प्रावधान है। लेकिन किसान फसल चक्र या किसी अन्य कारण से फेंसिंग नहीं करा पाता है, तो उसे इसके लिए अतिरिक्त समय भी दिया जाता है। जिले में 1.51 लाख किसान हैं। जिनकी संख्या अब बढ़कर 2 लाख से ज्यादा होने का अनुमान है। जाट ने बताया कि तारबंदी के अभाव में हर साल रोजड़े और अन्य आवारा पशु इन किसानों की गेहूं और बाजरे की ही 50 करोड़ की फसल बर्बाद कर देते हैं। जिले में हर साल अनुमानित तौर पर 24 करोड़ की फसल खराब हो जाती है। वहीं गेहूं की 26 करोड़ की फसल बर्बाद होती है।

योजना के तहत 400 मीटर करवाई जाएगी तारबंदी

योजना का फायदा सभी श्रेणी के किसानों को मिलेगा। जिन किसानों के पास एक ही जगह 1.5 हैक्टेयर कृषि भूमि है। उन किसानों के खेतों में 400 मीटर की तारबंदी करवाई जाएगी। इसके लिए लघु सीमांत किसान को 48 हजार रु. का व अन्य किसानों को 40 हजार रुपए का अनुदान मिलेगा। वहीं अगर खेत में 400 रनिंग मीटर से ज्यादा तारबंदी की जरूरत है तो अतिरिक्त तारबंदी का पैसा किसान को देना पड़ेगा। अगर किसान के पास 1.5 हैक्टेयर कृषि भूमि नहीं है, तो वो पड़ोसी किसान के साथ समूह बनाकर योजना का लाभ ले सकेगा।

अच्छी खबर: तारबंदी के अभाव में हर साल 50 करोड़ की फसल बर्बाद अब खेतों में 1.38 लाख मीटर तारबंदी कराएगी सरकार | 2 लाख किसानों को फायदा

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