कृषि – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न भाग 2

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प्रधानमंत्री फसल बीमा

  1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या हैं ?

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की फसलों से जुड़े हुए जोखिमों की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई करने का माध्यम है। इससे किसानों को अचानक आए जोखिम या प्रतिकूल मौसम की वजह से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई की जाती है।

  2. फसल बीमा कौन करवा सकता हैं ?

    ऋणी एवं गैर ऋणी किसान अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित की गई फसलों के बीमा का लाभ उठा सकते हैं। ऋणी किसानों एवं गैर ऋणी किसानों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है। यदि कोई ऋणी कृषक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाभ नहीं लेना चाहता है तो उन्हें बैंक द्वारा उपलब्ध कराये गए निर्धारित प्रपत्र में लिखित में यह आवेदन करना होगा कि उसे खरीफ 2020 के लिए फसल बीमा से पृथक रखा जाये। जिसके आवेदन की अन्तिम तिथि 8 जुलाई, 2020 है।

  3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के लिए बीमित राशि क्या होगी?

    बीमित राशि गत 7 वर्षों के जिला स्तर के उपज में से सर्वश्रेष्ठ 5 वर्षों के उपज के औसत को न्यूनतम समर्थन मूल्य से गुना के अनुसार तथा जिन फ़सलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं है उनके लिए बाजार भाव से गुणा कर तय की गयी है।

  4. फसल बीमा के लिए कृषक द्वारा देय प्रीमियम दर क्या हैं?

    खरीफ मौसम के लिए 2 प्रतिशत, रबी मौसम हेतु 1.5 प्रतिशत, व्यावसायिक और बागवानी फसलों हेतु बीमित राशि का 5 प्रतिशत।

  5. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कौन-कौन से जोखिम शामिल हैं ?
    • फसलों की बुवाई/बुवाई न कर पाने/असफल अंकुरण जोखिमः- बीमित क्षेत्र में कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम/मौसमी दशाओं के कारण बुवाई/पौध रोपण/अंकुरण न होने से हुई हानि से सुरक्षा प्रदान करना ।
    • खड़ी फसल (बुवाई से कटाई तक) सूखा, शुष्क स्थिति/बाढ़, जलप्लावन, व्यापक रूप से कीटों व रोगों के प्रभाव, भूस्खलन, प्राकृतिक कारणों से आग, आकाशीय बिजली, तूफान, ओलावृष्टि तथा चक्रवात जैसे रोके न जा सकने वाले जोखिमों के कारण उपज नुकसान को आच्छादन करने के लिए व्यापक जोखिम बीमा आवरण प्रदान किया जाता है।
    • फसल कटाई के उपरान्त नुकसानः- यह प्रावधान ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती वर्षा और बेमौसम वर्षा होने की स्थिति में व्यक्तिगत आधार पर खेत में ”काटकर व फैलाकर/छोटे गठ्ठरों में बांधकर” सुखाने हेतु रखी गई फसलों को फसल कटाई के पश्चात् केवल 14 दिनों की अधिकतम अवधि में हानि होने की स्थिति में संरक्षण प्राप्त है।
    • स्थानीय आपदाएंः- योजना के तहत स्थानीयकृत जोखिमों /आपदाओं यथा ओलावृष्टि, भू-स्खलन, जलभराव, बादल फटने तथा अधिसूचित इकाई अथवा किसी खेत के हिस्से पर बिजली गिरने के कारण प्राकृतिक आग लगने से फसल को होने वाले नुकसान को व्यक्तिगत किसानों के खेत के स्तर पर बीमा सुरक्षा प्रदान की गयी है।
  6. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कौन-कौन से जोखिम शामिल नहीं हैं?

    योजना के अन्तर्गत युद्ध तथा नाभिकीय जोखिमों के कारण होने वाले नुकसान, दुर्भावनापूर्ण क्षति तथा अन्य निवारण योग्य जोखिमों को (योजना से) बाहर रखा जाएगा।

  7. इस योजना के तहत गैर-ऋणी किसान बीमा कैसे ले सकतें हैं?

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा प्राप्त करने के इच्छुक गैर-ऋणी किसान निकटतम बैंक शाखा/सहकारी समिति/ अधिकृत चैनल पार्टनर/जन सेवा केंद्र (सीएससी) /बीमा कम्पनी या उनके अधिकृत एंजेट से सम्पर्क कर सकते हैं या निर्धारित तिथि के अंतर्गत स्वयं राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल – https://www.pmfby.gov.in ऑनलाइन आवेदन फार्म भर सकते हैं।

  8. गैर ऋणी किसान द्वारा फसल बीमा लेने के लिए कौन से दस्तावेज जमा करवाना अनिवार्य हैं?

    गैर ऋणी किसानों को अधिसूचना अनुसार भू-अभिलेख, आधार कार्ड, बोई हुई फसल का प्रमाण पत्र (कृषि या राजस्व विभाग के कार्मिको द्धारा जारी), मालिक से घोषणा पत्र/अनुबंध (पट्टे की भूमि के मामले में), बैंक पास बुक कॉपी जमा कराना अनिवार्य होगा। इसे राज्यों द्वारा अधिसूचना में ही परिभाषित किया जाएगा।

  9. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा इकाई क्या हैं?

    मुख्य फसलों के लिए बीमा इकाई पटवार मंडल स्तर एवं अन्य फसलों के लिए बीमा इकाई तहसील स्तर है।

  10. स्थानीक आपदाओं से फसल में नुकसान होने पर सूचना दर्ज करने की प्रक्रिया क्या हैं?

    प्रभावित बीमित कृषक को आपदा के 72 घण्टे के अन्दर सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर …….1800123123123…………. पर अथवा लिखित में अपने बैंक/कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करवाना आवश्यक है। यदि 72 घण्टे में कृषक द्वारा पूर्ण सूचना उपलब्ध नहीं करवाई जाती है तो वह कृषक 7 दिवस में पूर्ण सूचना निर्धारित प्रपत्र में सम्बन्धित बीमा कम्पनी को देना आवश्यक होगा, जिसमें किसान का नाम, मोबाईल नं., अधिसूचित पटवार सर्किल, बैंक का नाम, बैंक खाता संख्या, आपदा का प्रकार, प्रभावित फसल आदि की सूचना अंकित होनी चाहिए।

    • ऋणी एवं गैर ऋणी किसानो के लिए बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2020 है।
    • फसली ऋण लेने वाले कृषकों द्वारा योजना से पृथक होने के लिए संबंधित बैंक में 8 जुलाई, 2020 तक लिखित में घोषणा पत्र दिया जाना अनिवार्य है।

खेतों की तारबंदी

  1. फसलों को आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए क्या कोई योजना है ?

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन तिलहन के अन्तर्गत खेतों की तारबंदी पर अनुदान दिया जाता है।

  2. तारबंदी पर अनुदान प्राप्त करने के लिए आवेदन कैसे करें ?

    कृषक नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर ऑनलाईन आवेदन कर सकते है।

  3. आवेदन करने के लिए किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता है ?

    आवेदन के साथ आधार कार्ड, जनआधार कार्ड की छाया प्रति जमा बन्दी की नकल (छः माह से अधिक पुरानी नहीं हो) तथा बैंक खाते के विवरण की छाया प्रति।

  4. तारबंदी पर अनुदान हेतु क्या पात्रता है ?

    सभी श्रेणी के कृषक अनुदान के पात्र है। तारबंदी पर अनुदान के लिए निर्धारित क्षेत्र में कम से कम 3 कृषकों का एक समूह व कम से कम 5 हैक्टेयर कृषि भूमि हो।

  5. तारबंदी पर कितना अनुदान देय है ?

    तारबंदी पर पेरीफरी (परिधि) कृषकों को लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि 40,000 रूपये जो भी कम हो देय है। प्रति कृषक अधिकतम 400 रनिंग मीटर पर 100 रूपये प्रति मीटर की दर से अनुदान दिया जा सकता है।

  6. अनुदान राशि कैसे प्राप्त होगी ?

    तारबंदी पर मिलने वाली अनुदान राशि कृषकों के बैंक खातों में सीधे ही जमा होगी।

फसल प्रदर्शनों पर अनुदान

  1. क्या कृषि विभाग द्वारा फसल प्रदर्शनों पर अनुदान दिया जाता है ?

    कृषि विभाग द्वारा रबी व खरीफ में होने वाली विभिन्न फसलों के प्रदर्शनों पर अनुदान दिया जाता है।

  2. तिलहनी फसलों पर किस योजना में अनुदान दिया जा रहा है ?

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन&तिलहन के अन्तर्गत मूंगफली] सोयाबीन] तिल] अरण्डी] सरसों व अलसी की फसलों पर आयोजित होने वाले फसल प्रदर्शनों पर कुल लागत के 50 प्रतिशत अनुदान (फसलवार निर्धारित सीमा तक) पर कृषि आदान उपलब्ध करवाए जाते है।

  3. दलहनी फसलों पर किस योजना में अनुदान दिया जा रहा है ?

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन&दलहन के अन्तर्गत मोठ] मूंग] उड़द व चना की फसलों पर आयोजित होने वाले फसल प्रदर्शनों के कृषि आदान फसलवार निर्धारित सीमा तक शत&प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाते है।

  4. कपास की फसल पर किस योजना में अनुदान दिया जा रहा है ?

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन&वाणिज्यक फसल के अन्तर्गत कपास की फसल के आयोजित होने वाले फसल प्रदर्शनों के कृषि आदान निर्धारित सीमा तक शत&प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाते है।

  5. मक्का व जौ फसलों पर किस योजना में अनुदान दिया जा रहा है ?

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन&मोटा अनाज के अन्तर्गत मक्का व जौ की फसलों पर आयोजित होने वाले फसल प्रदर्शनों के कृषि आदान फसलवार निर्धारित सीमा तक शत&प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाते है।

  6. बाजरा व ज्वार फसलों पर किस योजना में अनुदान दिया जा रहा है ?

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन&न्यूट्री सीरियल के अन्तर्गत बाजरा व ज्वार की फसलों पर आयोजित होने वाले फसल प्रदर्शनों के कृषि आदान फसलवार निर्धारित सीमा तक शत&प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाते है।

  7. गेहॅू की फसल पर किस योजना में अनुदान दिया जा रहा है ?

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन&गेहॅू के अन्तर्गत गेहॅू की फसल पर आयोजित होने वाले फसल प्रदर्शनों के कृषि आदान फसलवार निर्धारित सीमा तक शत-प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाते है।

  8. क्या नीम] जोजोबा व जैतून के पौध रोपण के लिए अनुदान देय है ?

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन&वृक्ष जनित तिलहन के अन्तर्गत नीम] जोजोबा व जैतून के पौध रोपण के लिए फसलवार तथा फसल की आयुवार अलग-अलग अनुदान देय है।

  9. फसल प्रदर्शन पर अनुदान लेने हेतु किससे सर्म्पक करें ?

    फसल प्रदर्शन पर अनुदान लेने हेतु सीजन पूर्व अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक@सहायक कृषि अधिकारी@सहायक निदेशक कृषि@उप निदेशक कृषि से सर्म्पक करें।

  10. फसल प्रदर्शन पर अनुदान हेतु किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता है ?

    फसल प्रदर्शन आवेदन के साथ आधार कार्ड@जन आधार कार्ड की छाया प्रति तथा जमा बन्दी की नकल (छः माह से अधिक पुरानी नहीं हो) की आवश्यकता होती है।

कृषि यंत्र अनुदान वितरण कार्यक्रम

  1. योजना का उद्देश्य क्या है ?

    उन्नत कृषि यंत्र क्रय करने के लिये अनुमोदित कृषि यंत्रों पर कृषकों को अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

  2. अनुदान प्राप्त करने के लिये पात्रता क्या है ?

    समस्त कृषक पात्र हैं। कृषि भूमि का स्वामित्व अनिवार्य है।

  3. अनुदान प्राप्त करने के लिये आवेदन कैसे करना है ?

    कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के लिये निकटतम ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन करना होता है।

  4. कृषि यंत्र क्रय करने के बाद आवेदन करना है या कोई स्वीकृति विभाग से जारी होने के बाद क्रय करना है ?

    कृषक को पहले ऑनलाईन आवेदन करना होता है जिसके बाद 15 दिन में प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जाती है। प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के 45 दिन के भीतर पंजीकृत निर्माता/विक्रेता से कृषि यंत्र क्रय करना अनिवार्य है नहीं तो कृषक की प्रशासनिक स्वीकृति स्वतः ही निरस्त हो जाती है।

  5. ऑनलाईन आवेदन हेतु क्या-क्या दस्तावेज चाहिये ?

    आधार कार्ड/जनाधार कार्ड, जमाबंदी या राजस्व पास-बुक की नकल, लघु-सीमान्त कृषक का प्रमाण पत्र (यदि आवश्‍यकता हो तो), ट्रैक्‍टर चलित कृषि यंत्र हेतु ट्रैक्‍टर के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की प्रति तथा बैंक खाते का पूर्ण विवरण।

  6. अनुदान कितना मिलता है ?

    योजनाओं के प्रावधान के अनुसार एस.सी./एस.टी./लघु/सीमान्त एवं महिला कृषकों को यंत्र की लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक तथा अन्य श्रेणी के कृषकों को अधिकतम 40 प्रतिशत तक।

  7. अनुदान कैसे मिलता है नकद या चैक से ?

    अनुदान राशि का भुगतान कृषक के बैंक खाते में ऑनलाईन किया जाता है।

  8. एक बार में कितने यंत्रों के लिये आवेदन कर सकते हैं ?

    अलग-अलग प्रकार के अधिकतम 3 यंत्रों के लिये आवेदन कर सकते हैं। परन्तु एक ही श्रेणी के यन्त्र पर तीन वर्ष में एक बार ही अनुदान मिल सकता है ।

पौध संरक्षण

  1. योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन का तरीका क्या है ?

    कृषक पौध संरक्षण यंत्र/रसायन अनुदान हेतु आवेदन पत्र, कृषि पर्यवेक्षक/सहायक कृषि अधिकारी/सहायक/उप निदेशक, कृषि (वि0) के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते है।

  2. अनुदान पर पौध संरक्षण यंत्र क्रय करने का क्या प्रावधान है ?

    कृषक अनुदान पर पौध संरक्षण यंत्र क्रय करना चाहता है तो यंत्र की पूर्ण राशि क्रय विक्रय सहकारी समिति/ग्राम सेवा सहकारी समिति/पंजीकृत निर्माता/अधिकृत विक्रेता को जमा कराकर यंत्र प्राप्त किये जाने का प्रावधान है। अनुदान की राशि का भुगतान भौतिक सत्यापन के पश्चात् संबंधित उप/सहायक निदेशक कृषि कार्यालय द्वारा संबंधित कृषक को ऑन-लार्इन बैंक खाते में किया जाता है।

  3. पौध संरक्षण यंत्र पर कितना अनुदान मिलता है ?

    कृषकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (तिलहन/दलहन/गेहूं/न्यूट्री सिरियल्स), योजनान्तर्गत मानव चालित पौध संरक्षण यंत्र पर 40-50 प्रतिशत या 600-750 रूपये, शक्ति चालित पौध संरक्षण यंत्रों पर लागत का 40-50 प्रतिशत या 2500 से 10000 रूपये, ट्रैक्टर चालित पौध संरक्षण यंत्रों पर लागत का 40-50 प्रतिशत या 28000 से 37000 रूपये तक अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।

  4. योजना का लाभ लेने के लिए कौन पात्र है ?

    राज्य के सभी ऐसे कृषक जिन्हें विभाग की किसी भी योजना से लाभ नहीं मिला है एवं जिले में चयनित आदर्श गाव के कृषकों को प्राथमिकता प्रदान कर लाभान्वित किया जाता है। पौध संरक्षण यंत्रों के वितरण में अनुसूचित जाति/जन जाति, महिला, बीपीएल, सीमान्त, लघु कृषकों एवं अन्त्योदय/खाद्य सुरक्षा परिवारों के कृषकों को प्राथमिकता से लाभान्वित किया जाता है। लघु/सीमान्त/अजा/अजजा/महिला कृषकों की श्रेणी हेतु उप निदेशक कृषि (विस्तार)/सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) अपने स्तर पर जमाबन्दी/पासबुक के आधार पर कृषक के जोत/जाति/लिंग/श्रेणी का निर्धारण करते हुए अनुदान स्वीकृत कर सकता है। लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु 30 प्रतिशत महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाती है।

  5. आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जमा करवाना अनिवार्य है ?

    आधार कार्ड की प्रतिलिपि, बैंक खाते की पासबुक/चैक की प्रतिलिपि/पौध संरक्षण यंत्रों पर अनुदान प्राप्ति हेतु फोटो।

  6. लाभार्थी को मिलने वाले अनुदान की जानकारी कैसे मिलती है ?

    संबंधित उप/सहायक निदेशक कृषि (वि.) कार्यालय द्वारा अनुदान की राशि का भुगतान कृषक को ऑन-लार्इन किया जाता है। जिसकी सूचना कृषक के मोबाइल पर सन्देश के माध्यम से सम्प्रेषण होता है एवं सबंधित कृषि पर्यवेक्षक/सहायक कृषि अधिकारी द्वारा भी उपलब्ध रिकार्ड अनुसार सूचना दी जाती है।

  7. योजना किस प्रकार की है ?

    व्यक्तिगत

कृषि यंत्र अनुदान

  1. योजना का उद्देश्‍य क्‍या है ?

    उन्‍नत कृषि यंत्र क्रय करने के लिये भारत सरकार प्रवर्तित योजनाओं में अनुमोदित कृषि यंत्रों पर कृषकों को अनुदान के रूप में वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराई जाती है।

  2. अनुदान प्राप्‍त करने के लिये पात्रता क्‍या है ?

    समस्‍त कृषक पात्र हैं। कृषि भूमि का स्‍वामित्‍व अनिवार्य है।

  3. अनुदान प्राप्‍त करने के लिये आवेदन कैसे करना है ?

    कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्‍त करने के लिये निकटतम ई-मित्र के माध्‍यम से ऑनलाईन आवेदन करना होता है।

  4. कृषि यंत्र क्रय करने के बाद आवेदन करना है या कोई स्‍वी़कृति विभाग से जारी होने के बाद क्रय करना है ?

    कृषक को पहले ऑनलाईन आवेदन करना होता है जिसके उपरान्‍त 15 दिवस में प्रशासनिक स्‍वीकृति जारी की जाती है। प्रशासनिक स्‍वीकृति जारी होने के 45 दिवस के भीतर पंजीकृत निर्माता/विक्रेता से कृषि यंत्र क्रय करना अनिवार्य है नहीं तो कृषक की प्रशासनिक स्‍वीकृति स्‍वत: ही निरस्‍त हो जाती है।

  5. ऑनलाईन आवेदन हेतु क्‍या-क्‍या दस्‍तावेज चाहिये ?

    आधार कार्ड/जनाधार कार्ड, जमाबन्‍दी की पास-बुक की नकल, लघु-सीमान्‍त कृषक का प्रमाण पत्र (यदि आवश्‍यकता हो तो), ट्रैक्‍टर चलित कृषि यंत्र हेतु ट्रैक्‍टर की आर.सी. की प्रति तथा बैंक खाते का पूर्ण विवरण।

  6. अनुदान कितना मिलता है ?

    योजनाओं के प्रावधान के अनुसार एस.सी./एस.टी./लघु/सीमान्‍त एवं महिला कृषकों को यंत्र की लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक तथा अन्‍य को अधिकतम 40 प्रतिशत तक।

  7. अनुदान कैसे मिलता है नकद या चैक से ?

    अनुदान राशि का भुगतान कृषक के बैंक खाते में ऑनलाईन किया जाता है।

  8. एक बार में कितने यंत्रों के लिये आवेदन कर सकते हैं ?

    अलग-अलग प्रकार के अधिकतम 3 यंत्रों के लिये आवेदन कर सकते हैं।

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