सरकारी आंकड़े जारी कई फसलों की बुवाई का रकबा घटा | वही 71.88 लाख हेक्टेयर मे हुई कपास की बुवाई

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सरकारी आंकड़े जारी कई फसलों की बुवाई का रकबा घटा | वही 71.88 लाख हेक्टेयर मे हुई कपास की बुवाई

कपास खेती

नई दिल्ली – देश भर में इस साल गर्मियों के मौसम में उगाई जाने वाली फसल की बुवाई का रकबा पिछले साल के मुकाबले कुछ बढ़ा है. कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय (Agriculture Ministry) द्वारा जारी किए गए शुक्रवार तक आंकड़ों के अनुसार गर्मियों में बोये जाने वाले फसल के तहत खाद्यान्न, मोटे अनाज और तिलहन का बुवाई क्षेत्र (Acreage Area) करीब 71.88 लाख हेक्टेयर है, जबकि पिछले साल यह 68.84 लाख हेक्टेयर ही था. यह पिछले पांच वर्षों के औसत 56.28 लाख हेक्टेयर से काफी ज्यादा है. हालांकि इस बार चावल (Rice), मक्का, मूंगफली और सूरजमुखी के रकबे में मामूली कमी भी देखी गई है जबकि अन्य फसलों में इस बार कुछ बढ़ोतरी देखने को मिली है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक अधिकारी ने बातचीत के दौरान बताया कि उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में मार्च और अप्रैल में अत्यधिक गर्मी और एक ही समय में पूर्वोत्तर में अत्यधिक बारिश हुई है. इसका विभिन्न स्थानों पर बुवाई पर भी कुछ न कुछ असर पड़ा है.पिछले साल की इसी अवधि के दौरान 30.83 लाख हेक्टेयर की तुलना में चावल का रकबा करीब 29.71 लाख हेक्टेयर है. यह क्षेत्र मुख्य रूप से देश के पश्चिम बंगाल (9.27 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (6.75 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (3 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (2.03 लाख हेक्टेयर), असम (1.96 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (1.35 लाख हेक्टेयर) राज्यों से सूचित किया गया है. जबकि महाराष्ट्र (1.25 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (1.01 लाख हेक्टेयर), गुजरात (0.74 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.72 लाख हेक्टेयर), केरल (0.59 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.26 लाख हेक्टेयर), और झारखंड (0.15 लाख हेक्टेयर) ) क्षेत्र में ही धान की बुवाई की गयी है.

गर्मियों में इतनी हुई दलहन की फसलों की बुवाई

इस साल गर्मियों में दलहन की कुल बुवाई देश भर मे लगभग 20.38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 17.21 लाख हेक्टेयर था. इनमें मुख्य रूप से मध्य प्रदेश (8.85 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (2.61 लाख हेक्टेयर), बिहार (2.06 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (1.95 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (1.53 लाख हेक्टेयर), गुजरात (0.96 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल ( 0.83 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.35 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (0.35 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (0.25 लाख हेक्टेयर), असम (0.20 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (0.11 लाख हेक्टेयर), झारखंड (0.10 लाख हेक्टेयर), राजस्थान (0.09 लाख हेक्टेयर), पंजाब (0.07 लाख हेक्टेयर), उत्तराखंड (0.05 लाख हेक्टेयर), और जम्मू और कश्मीर (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों के क्षेत्र शामिल हैं.

देश मे मोटे अनाज की बुवाई का क्षेत्रफल

पोषक-सह-मोटे अनाज ने पिछले साल इसी अवधि के दौरान 10.26 लाख हेक्टेयर की तुलना में 10.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को इस बार कवर किया – इनमे मुख्य रूप से गुजरात (2.86 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (2.68 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल (1.55 लाख हेक्टेयर) से ), महाराष्ट्र (0.74 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.67 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (0.65 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (0.52 लाख हेक्टेयर), पंजाब (0.39 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (0.29 लाख हेक्टेयर), राजस्थान (0.25 लाख हेक्टेयर) हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (0.12 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.09 लाख हेक्टेयर), और झारखंड (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों के क्षेत्र में मोटे अनाज की बुवाई हुई है.

देश मे तिलहन की बुवाई का क्षेत्रफल

तिलहन के लिए जारी किए गए इन आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि यह पश्चिम बंगाल (3.19 लाख हेक्टेयर), गुजरात (1.69 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (1.56 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (1.16 लाख हेक्टेयर) से पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 10.54 लाख हेक्टेयर की तुलना में करीब 10.98 लाख हेक्टेयर है. कर्नाटक (1.08 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (0.57 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (0.53 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.44 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (0.33 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.29 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (0.08 लाख हेक्टेयर) हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (0.04 लाख हेक्टेयर), असम (0.03 लाख हेक्टेयर) और बिहार (0.02 लाख हेक्टेयर) क्षेत्र में आकड़ों के मुताबिक तिलहन की बुवाई हुई है.|

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