खुशखबरी : हरियाणा गेहूं की खरीद शुरू मंडियों में मुह मांगा मिल रहा रेट जानिए क्या है गेहूं और सरसों की MSP

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खुशखबरी : हरियाणा गेहूं की खरीद शुरू, मंडियों में मुह मांगा मिल रहा रेट, जानिए क्या है गेहूं और सरसों की MSP

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खुशखबरी : हरियाणा गेहूं की खरीद शुरू, मंडियों में मुह मांगा मिल रहा रेट, जानिए क्या है गेहूं और सरसों की MSP

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हरियाणा में गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है. रबी फसलों का भुगतान 72 घंटे में होगा अधिकारी दलालों पर नजर राखी जाएगी. संबंधित अधिकारी मंडियों में खरीद कार्य से संबंधित सभी तैयारियों को ध्यान रखना होगा. सरकार ने गेहूं के लिए 2015 और सरसों का 5050 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी निर्धारित की है.

 गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होते ही मंडियों में दलाल और प्राइवेट खरीदार भी सक्रिय हो चुके हैं. यह किसानों से मंडी में पहुंचने से पहले ही गेहूं खरीदने के प्रयास कर रहे हैं. हालांकि जिले में इस तरह का कोई मामला नहीं पकड़ा गया है. इसके बीच प्रशासन ने भी अपनी कमर कस ली है. डीसी ने रबी की फसलों का भुगतान 72 घंटे में संबंधित किसान के बैंक खाते में देने और दलालों पर नजर रखने के लिए अधिकारियों को आदेश दिया गया हैं.

1 अप्रैल को गेहूं की सरकारी खरीद हो गई है. जिसमे गेहूं, चना और जौ की खरीद की होगी. सरकार ने गेहूं का 2015 और सरसों का 5050 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है. इस बार गेहूं महंगा होने की सुगबुगाहट के बीच कुछ लोग किसानों से एमएसपी से अधिक रेट में गेहूं खरीदने के प्रयास किया जा रहा हैं. ऐसे लोगों ने मंडी और इसके आसपास एजेंट छोड़ दिए हैं.

23 मंडी और खरीद केंद्र बनाए गए

जिले में 1.12 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोई गई है. अब गेहूं की अधिकतर फसल पककर तैयार हो चुकी है. किसान कटाई कार्य में लगे हुए हैं. गत वर्ष की बात करें तो 83870 किसानों ने मंडियों में फसल बेची गई थी. सरकार ने 6,08,548 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी.

मंडी में खरीद न होने की स्थित पर दलालों की नजर

फिलहाल मंडियों में गेहूं नहीं पहुंच रहा है. अगले सप्ताह आवक एक साथ का अनुमान है. मंडी में गेहूं खरीद में हर बार सरकारी प्रबंध छोटे पड़ जाते हैं. एजेंसियां साथ के साथ गेहूं की खरीद नहीं कर पाती है. कई बार खरीद के बाद उठान करने में देरी हो जाती है. इस पर मंडियां में जगह नहीं होती और किसान सड़क पर गेहूं डालने को मजबूर होना पड़ जाता हैं. इस बार दलाल इस स्थिति के इंतजार में हैं.

सूखाकर गेहूं लाए किसान

रबी फसल की खरीद कार्य शुरू कर दिया है. किसानों को गेहूं सूखा कर लाना होगा. किसानों को अपनी फसल की बिक्री के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी होगी. उठान सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसपोर्ट का उचित प्रबंध रखे गए हो. मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड किए गए फसलों के ब्यौरा के मुताबिक फसल की राशि संबंधित किसान के बैंक खातों में खरीद के 72 घंटे तक दी जानी है. अधिकारी मंडियों का निरंतर दौरा करें.

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